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Sharadiya Navratri: Shubh Muhurat ,Kalash Sthapana or Pooja Vidhi in Hindi 10 October 2018

Shubh Muhurat 10 October 2018 Sharadiya Navratri की शुरुआत हो रही है जिस में 9 दिनों तक Mata Sherawali के 9 Swaroop ki Puja होती है, जिसका Kalash Sthapana विधि जान लीजिए।


जैसे कि इस बार नवरात्रि बुधवार 10 अक्टूबर को पड़ रही है मां शेरावाली की इन 9 दिनों तक विशेष कृपा रहती है, इस दौरान माता के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। 9 दिन तक भक्त व्रत, उपवास रखते हैं और मंदिरों, घर और पंडालों में (घटस्थापना) कलश स्थापना की जाती है। माता के भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए 9 दिनों तक विशेष पूजा करते हैं।
Sharadiya Navratri: Kalash Sthapana or Pooja Vidhi in Hindi 10 October 2018
Sharadiya Navratri
Shubh Muhurat शुभ मुहूर्त - Durga Kavach Navratri दुर्गा कवच नवरात्रि
Kalash Sthapna Shubh Muhurat 6:18 से लेकर 10:11 मिनट तक रहेगा 
उसके पश्चात आप 11:36 से दोपहर 12:24 तक कलश स्थापना कर सकते हैं।

आइए जानते हैं (घटस्थापना) Kalash Sthapana कैसे करते हैं। ( Durga Chalisa Special दुर्गा चालीसा )

Kalash sthapana सामग्री - मिट्टी से बना हुआ पात्र, शुद्ध जो, मिट्टी, शुद्ध जल से भरा हुआ कलश, लाल सूत, साबुत सुपारी, सिक्के, आम के पत्ते, कलश को ढकने के लिए ढक्कन या बड़े दीपक का उपयोग कर सकते हैं, वह मिट्टी से बना होना चाहिए।
अक्षत, नारियल, लाल कपड़ा, फूल-माला, जल, लोंग, पंचमेवा, इलायची, धूप, शहद, कपूर, पान के पत्ते, दुर्वा, सिंदूर, पंचामृत सामग्री चंदन आदि सामग्री की आवश्यकता होती है।


Kalash sthapana Pooja Vidhi पूजा विधि (Worship method) Maa Durga saptashloki  श्री दुर्गा सप्तश्लोकी

  1. सर्वप्रथम जिस स्थान पर घट स्थापना कलश स्थापना करनी है उस स्थान को साफ सुथरा कर ले हो सके तो गोबर से लीप लेना चाहिए।  
  2. किसी भी पवित्र नदी के जल से उस स्थल पर छिड़क ले। 
  3. अब पूजा में उपयोग किए जाने वाले सभी सामग्री को पूजा स्थल पर एकत्रित कर ले।
  4. अब मिट्टी के पात्र को लें और उसमें खेती में उपयोग होने वाली मिट्टी को भरें उसके पश्चात जौ उस मिट्टी में मिला कर हल्का पानी का छिड़काव करें यह वैसे ही करना है जैसे किसान खेत में अनाज बोता है अर्थात लगाता है। 
  5. सबसे पहले पूजा स्थल पर कलश स्थापना करनी है वहां पर साबुत चावल अर्थात अक्षत रखें उसी अक्षत के ऊपर कलश की स्थापना करनी है आटे या रंगोली से चौक पूर लें, आटा सर्वोत्तम है।
  6. कलश में शुद्ध जल भर के सिक्का लौंग सुपारी इलायची डालकर आम के पत्तों को रख दें।
  7. कलश के ऊपर नारियल को रखें, उसके पहले नारियल पर लाल रंग का कपड़ा लपेट दें और उसको सूत्र से बांध दें। 
  8. पटे के ऊपर साफ-सुथरा और कोरा कपड़ा बिछाए, उस पर मां दुर्गा की प्रतिमा को विराजमान (विराजित) करें। 
    Sharadiya Navratri: Kalash Sthapana or Pooja Vidhi in Hindi 10 October 2018
    Sharadiya Navratri Pooja Vidhi
  9. मां शेरावाली जगत जननी जगदंबा की प्रतिमा का सिंगार करें माता पर लाल चुनरी चढ़ाएं।
  10. दीपक और धूप बत्ती जलाएं। ( Maa Durga Siddha Kunjika Strotam सिद्धकुन्जिका स्तोत्रं )
  11. गणेश जी, कलश, नवग्रह पर वस्त्र, फूल अर्पित करें।
  12. सब कुछ तैयार होने के बाद, सर्वप्रथम देवताओं में श्रेष्ठ प्रथम पूज्य श्री गणेश भगवान की आराधना (आवाहन) करें उनसे प्रार्थना करें कि हे गणेश भगवान आप इस पूजन को सफल बनाएं। 
  13. जिस पूजा में गणेश भगवान की पूजा नहीं होती वह पूजा सफल नहीं होती इसलिए पूजा या कोई भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान श्री गणेश के मंत्र के साथ करें।
  14. नव ग्रहों का पूजन करें और उनका आवाहन करें।
  15. सभी देवी देवताओं का आवाहन करें जिससे आपकी पूजा सफल हो।
  16. मां दुर्गा और गणेश जी, कलश, नवग्रह पर फूल माला चढ़ाएं।
  17. सुपारी लोंग चंदन पान के पत्ते जल सभी को अर्पित करें।
  18. यह सब करने के बाद मां जगत जननी जगदंबा के मंत्रों का पाठ करें अगर दुर्गा सप्तशती पाठ करते बनता है तो वह भी करें।
  19. आरती के लिए थाल सजाएं दीपक कपूर और फूल थाल में रखें इसके पश्चात श्री गणेश भगवान और मां जगत जननी जगदंबा की आरती करें।
  20. शंख और घंटी की ध्वनि के साथ आरती करें।
  21. आरती करने के बाद आरती की थाल के चारों ओर जल घुमाएं और सभी देवी देवताओं को आरती देवे।
  22. सभी देवी देवताओं से प्रार्थना करें की पूजा करते समय जो भी गलतियां हुई हैं उनके लिए क्षमा करें या जिन देवी देवताओं को पूजा करते समय गलती से भूल गए हैं उनसे भी क्षमा याचना करना है इसके पश्चात प्रसाद सभी में वितरित करे।
9 दिनों तक माता के 9 स्वरूपों की पूजा पूरे विधि विधान से करना है माता सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं माता की विशेष कृपा पाने के लिए यह 9 दिन बेहद ही शुभ कारी और शुभ लाभ देने वाले होते हैं, आप सभी को Sharadiya Navratri की ढेर सारी शुभकामनाएं "जय माता दी"

Top 15 SEO Ranking Tips in Hindi | Improved | Blog and Website

'Best SEO Ranking Tips' Top 15 Ranking Tips in Hindi.अगर आप भी अपनी Website और Blog की Ranking से परेशान हैं तो आप TOP 15 Ranking Tips को Follow कर सकते हैं, यह आपके बेहद ही काम आएंगी। Best 3 Things Important if You Are Starting Blogging In Hindi.


  1. Research Audience Choice. शोध दर्शकों की पसंद।
  2. SEO/Viewer Optimise. Content एसईओ / दर्शक सामग्री अनुकूलित।
  3. Keyword Research. शब्द की खोज।
  4. Best Backlinks. सर्वोत्तम बैकलिंक्स।
  5. Optimise Images. छवियों को अनुकूलित करें।
  6. Best Responsive Theme. सर्वश्रेष्ठ उत्तरदायी थीम। 
  7. Social Media Sharing. सोशल मीडिया शेयरिंग।
  8. Short and Perfect Permalink. लघु और सही परमालिंक।
  9. Article Description. लेख वर्णन।
  10. Website Fast Working Speed. वेबसाइट तेजी से काम करने की गति।
  11. https - Website Security. वेबसाइट सुरक्षा।
  12. Old Content Updated.पुरानी सामग्री अद्यतन।
  13. Internal / External Linking. आंतरिक बाहरी लिंकिंग।
  14. Unique and Trending Topic.नया और प्रचलित विषय।
  15. Easy to Understand. समझने में आसान।
SEO FACTOR, Top 15 SEO Ranking Tips in Hindi | Improved | Blog and Website
SEO FACTOR

Let's know the top 15 SEO ranking tips that will help improve your website and blog.
  • Research Audience Choice शोध दर्शकों की पसंद.
  1. जिस भी Topic पर आप लिख रहे हैं, या लिखना चाहते हैं तो पहले Research कीजिए कि Audience क्या पढ़ना चाहती है।  
  2. उनकी Requirements क्या है।  
  3. उनके Question क्या है।  
  4. जब आप उनको उनके सवालों के जवाब अपने Article में देंगे, तो वह खुद-ब-खुद आप से जुड़ जायेंगे क्योंकि हर Visito कुछ ना कुछ सीखने के लिए ही Website पर आता है।
  5. वह कुछ Information प्राप्त करने के लिए आता है, अगर उसको Information सही मिलेगी तो वह आपसे हमेशा जुड़ा रहेगा। 
  6. बिना Research के कोई भी Topic पर लिखने से कोई मतलब नहीं, Audience तक वही चीज पहुंचाएं जो Audience चाहते हैं पूरे मतलब के साथ। 
  7. जानकारी अधूरी नहीं होना चाहिए, ज्यादा से ज्यादा और सही जानकारी Audience तक पहुंचना चाहिए।
  • SEO Optimise Content एसईओ / दर्शक सामग्री अनुकूलित.
Website पर ज्यादा से ज्यादा पोस्ट लिखने से Ranking नहीं मिलती उसके लिए SEO Optimise Content होना जरूरी है, अगर Search Engine आपके Article को आसानी से नहीं समझ पाएंगे, तो वह First Page पर दिखना मुश्किल है। How To Create a Blog For Free Best SEO Tips And Make Money In Hindi
इसके लिए आपको कुछ बातों को समझना पड़ेगा - 
  1. Title - टाइटल में Keyword का उपयोग करें टाइटल छोटा और आसानी से समझ आ सके।
  2. Images - Add Caption, Properties में Title Text, ALT Text जरूरी Ues करें Search Engine को समझने में आसानी होती है।
  3. Paragraph - Paragraphs ज्यादा बड़ी नहीं होना चाहिए Small Paragraph आसानी से समझें और पढ़े जा सकते हैं इसमें समय भी बचता है।
  4. Internal link - आप अपने Post में अपनी अन्य Posts की Links भी ऐड करें, जिससे Traffic अन्य आर्टिकल तक पहुंचे। आप की अन्य पोस्ट की Permalink Robot के सामने कई बार देखेगी
  5. Heading सब Headings - पोस्ट में हेडिंग और सब हेडिंग का उपयोग जरूर करें यह आपकी पोस्ट को रैंक दिलाने में काफी मदद करती है।
  6. Keywords - Post जिस कीवर्ड के ऊपर लिखी है उसे आप अपनी पोस्ट पर कम से कम  2.5 Percent से 3 Percent जरूरी यूज़ करें।
  7. How to Create SEO and USER Friendly Article in Hindi
जो आपकी SEO Ranking अच्छी करेंगे।

  • Keyword Research. शब्द की खोज.
सही Keyword का चयन कीजिए जानिए कि आप जिस Keywords पर लिख रहे हैं, वह सर्च मैं है कि नहीं। अधिक जानकारी के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कीजिए।
Best Keyword Research Kaise Kare Best Free Keyword Research Tool Blogging/SEO Tips
  • Best Backlinks सर्वोत्तम बैकलिंक्स.
  1. Best Backlinks यह आपकी Website को Ranking दिलाने के लिए काम करती है।
  2. Domain Authority, Google Ranking और अन्य Search Engines पर Ranking दिलाने के लिए, ज्यादा से ज्यादा ट्राफिक वेबसाइट पर लाने के लिए Backlinks का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है। 
  3. यह पुराना और महत्वपूर्ण SEO Ranking Factor है। 
  4. इसके साथ इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप अपनी वेबसाइट पर BAD Backlinks को नहीं बनाना है यह आपकी वेबसाइट की रैंकिंग को नीचे ला सकती है। 
  5. इसलिए Best Backlink, High Quality Backlinks बनाएं जिससे आप की Blog पर Traffic and Ranking दोनों ही अच्छे हो।
  • Optimise Images छवियों को अनुकूलित करें.
  1. अगर आप Image Optimise करते हैं तो इससे आपकी वेबसाइट पर Visitor बढ़ेगा Traffic बढ़ने के साथ आपकी वेबसाइट की Ranking भी अच्छी होगी। 
  2. इसलिए हमेशा Images Optimise जरूर करें जिससे वह गूगल के सर्च पर या अन्य Search Engine पर आ सके।
  • Article Description लेख वर्णन.
  1. Article Description वैसे ही होता है जैसे लिफाफा। 
  2. लिफाफा जितना सुंदर होगा आदमी के अंदर उतना ही उसे देखने की इच्छा होगी की उसके अंदर है क्या। 
  3. वैसे ही Post की Description होता है जो इतना Attractive होना चाहिए कि उसे पढ़कर व्यक्ति उस Post तक पहुंच जाए। 
  4. Description छोटा और इस तरह से लिखना है कि वह Viewer को आसानी से समझ में आ जाए और वह आपके Blog तक पहुंच सके।
  • Best Responsive Theme.
  1. इनमें तीन बातों का ध्यान रखना बेहद ही जरूरी है SEO Friendly Mobile Friendly और User Friendly अगर आप की Website पर यह तीनों चीजें नहीं है तो समझ लीजिए कि उसको Rank कराना बहुत ही मुश्किल है। 
  2. आपकी Website की Ranking आप की Theme पर निर्भर होती है। 
  3. अगर आप की वेबसाइट पर Responsive Theme नहीं है तो आपकी Website Rank कराना मुश्किल होता है।
  4. इसलिए वेबसाइट पर हमेशा SEO और Mobile Friendly Themes  का उपयोग करें। 
  5. अगर आपके ब्लॉग वेबसाइट की Design, (Template, Theme) SEO और Mobile Friendly नहीं है तो Search Robots को वह सही जानकारी नहीं दे पाएगी। 
  6. अगर Blog Content की Information Robots को सही नहीं मिलेगी तो आपका Blog Search Result में Rank नहीं कर पाएगा। 
  7. इसलिए जरूरी है कि आप जब भी कोई भी Template Use करें तो उसके पहले यह जांच लें कि वह Responsive है कि नहीं। कोशिश करें कि Free Themes का उपयोग ना करें। 
  8. अगर Themes Customize करना नहीं आता तो जानकार व्यक्तियों की मदद लें।
  9. Responsive Theme ना होने पर Visitors and Ranking दोनों को ही लॉस होता है।
  10. Website की Ranking के लिए Theme का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है। 
  11. अगर आप की Website पर Responsive Design नहीं होगी तो उसके Rank करने के चांस कम हो जाते हैं। 
  12. आप कितने भी अच्छे Articles क्यों न लिखें पर यह तीन बातें नहीं होंगी तो बहुत ही मुश्किल है। 
  13. आपको एक अच्छी Theme का उपयोग करना है अगर आप Theme को Customize करना नहीं जानते तो आप उन लोगों की मदद लें जो इसमें Master हैं। 
  14. हमेशा Premium Theme का उपयोग करें, Free Theme अच्छी तो होती हैं, पर उनमें कमियां होती हैं। 
  15. इसलिए हमेशा Premium Design का उपयोग करें इन बात का ख्याल रखना बेहद जरूरी है।
  16. Website की Fast Working Speed होगी तभी Blog Rank करेगा।

  • Social Media Sharing सोशल मीडिया शेयरिंग.
  1. Use Social Media Platform And Get More Traffic Your Website in Hindi.
  2. Social Media Sharing से आपकी Post और आपकी Blog को रैंक कराने में मदद करेगा। 
  3. जिस भी Post पर आपके Traffic होगा वह खुद-ब-खुद गूगल पर रैंक करेगी। 
  4. पूरा फंडा है ट्राफिक का है अगर आपकी  Social Media पर अच्छी पकड़ है और उससे आप अपनी Website पर Traffic Gain करते हैं तो वह आपकी Blog को Good Ranking दिला सकता है। 
  5. इसलिए Social Media का उपयोग करें और अपनी हर Post को  Social Media पर Share जरूर करें।
  6. Social Media Platform आपकी Blog को Rank दिलाने के लिए मदद करता है इससे आप Free और Paid दोनों ही तरह से Viewers बढ़ा सकते हैं।
  • Short and Perfect Permalink लघु और सही परमालिंक.
  1. Parmalink क्या होती है, यह कैसे Generate होती है और इसे कैसे Correcte किया जाता है, इन बातों को जानना बेहद ही जरूरी है।
  2. Parmalinks हमेशा छोटी होना चाहिए।
  3. URL में मैन Keyword जरूर होना चाहिए।
  4. सही URL, Parmalinks आपकी वेबसाइट की Post को Rank कराने में मदद करती है ऐसी Parmalinks को Reader Easily से Read कर सकते हैं।
  • Website Fast Working Speed वेबसाइट तेजी से काम करने की गति.

  1. blog website की speed हमेशा अच्छी होना चाहिए यह आपकी ranking में मदद करता है। 
  2. website की speed बढ़ाने के लिए इन बातों का ध्यान रखना बेहद ही जरूरी है। 
  3. image हमेशा small Use करें बड़ी image Use करने से blog की  loading time बढ़ जाता है जिससे कई बार visitors बिना blog पढ़े ही चले जाते हैं।
  4. website पर social media के pages का उपयोग कम करें यह  website की loading time को increases करता है।
  5. ज्यादा advertising का उपयोग ना करें यह speed को कम करता है।
  6. more information के लिए आप Website Blog Speed Tips पर click कीजिए।
  • https - Website Security वेबसाइट सुरक्षा.
  1. HTTP और HTTPS URL के आगे इस तरह का Word होता है। 
  2. जिस Website https:// होता है वह वेबसाइट Secure होती है। 
  3. उस पर Visitor का Trust ज्यादा होता है ऐसी Website पर Visitors ज्यादा विश्वास करते हैं।
  4. जिन Website पर Viewer ज्यादा होंगे तो स्वाभाविक है कि वह Rank करेगी। 
  5. यह Security System Blogger पर Free पर उपलब्ध है। 
  6. इसके अलावा अन्य कंपनियां भी Paid और Free में यह Feature दे रहे हैं। 
  7. इस Security के मिलने के बाद http की जगह https हो जाता है जो आपकी Blog की Security को दर्शाता है। 
  8. जितनी भी आप बड़ी Website देखेंगे वह सभी https जरूर मिलेंगा आपको भी इसका उपयोग करना चाहिए अगर आप Blogging कर रहे हैं तो।
  • Old Content Updated.पुरानी सामग्री अद्यतन.
  1. आपने जो भी Articles लिखे हैं उनको हमेशा Update करते रहें। 
  2. यह उनकी Ranking के लिए अच्छा है। 
  3. अगर आपके Article अपडेट होते रहेंगे तो Robots उन्हें Index करते रहेंगे।
  4. अगर आप के Article से संबंधित जानकारी में कोई परिवर्तन हुए हैं तो वह भी अब अपने Blog में Update कर सकते हैं, यह बेहद ही जरूरी है।
  • Internal / External Linking आंतरिक बाहरी लिंकिंग.
Internal and External Link क्या होती है पहले यह समझना जरूरी है।
  • Internal Link - आपके अन्य Blog की लिंक जिनका उपयोग आप अपने Article मैं करते हैं, उन्हें इंटरनल लिंक कहते हैं।
  1. आप संबंधित जानकारी के Article पर ट्रैफिक ला सकते हैं। 
  2. इंटरनल लिंकिंग आपकी वेबसाइट पर Traffic बढ़ाने का काम करती है।
  3. Internal Linking से यह भी फायदा है कि जिन आर्टिकल पर Traffic नहीं आ रहा है उन पर भी Traffic लाया जा सकता है।
  • External Link - यह वह लिंक होती हैं जो अन्य किसी के Blog के Link को आप Suggestion के तौर पर अपने Blog में स्थान देते हैं।
  1. Ranking में इन दोनों का Important योगदान होता है।
  2. इसके उपयोग से हम वह जानकारी जो हमारी Website पर उपलब्ध नहीं है उन Information के लिए Viewer को अन्य वेबसाइट तक पहुंचाने का काम करती है।
  3. इसके उपयोग से अन्य साइटों से आपकी Link जुड़ जाती है।
  4. Blog लिखते समय बहुत सी चीजें हम नहीं लिख पाते हैं या जानकारी नहीं होती तो उन Information को उपलब्ध कराने के लिए हम अन्य वेबसाइट के Links का उपयोग करते हैं, जिससे Visitor तक पूरी जानकारी पहुंचाई जा सके।
Internal और External links दोनों का उपयोग करने से आप अपनी Website की Ranking सुधार सकते हैं।
अब यह जरूरी नहीं कि आपके हर Article पर Rank करें पर जो Article आपका Rank कर रहा है अगर उसमें आप सही ढंग से Internal Link को जोड़ते हैं तो आपके अन्य Blog पर भी Traffic बढ़ जाएगा जिससे आप की Website Ranking Improve होगी। 
  • Unique and Trending Topic. नया और प्रचलित विषय.
  1. Unique Trending Topics का उपयोग करना बेहद ही जरूरी है यह आपके Blogs की Ranking बढ़ाने और Traffic Increase करने का काम करती है। 
  2. इसलिए आर्टिकल अब जिसभी Keyword पर लिख रहे हो पर उस में New क्या कर सकते हैं और कौन से ऐसे Trending Topics हैं उनको ढूंढ कर उनके बारे पर लिखना बेहद ही जरूरी है इससे Fast Ranking बढ़ सकती है।
  3. और अधिक जानकारी के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।

  • Easy to Understand समझने में आसान.
  1. आर्टिकल Easy To Understand होना चाहिए। 
  2. जिससे Visitor आसानी से समझ सकें। 
  3. इसके साथ Articles में सही ढंग से Keywords का उपयोग। 
  4. Headings, सब हेडिंग का सही उपयोग। 
  5. बार-बार एक ही बात को ना दोहराना। 
  6. Experience के साथ Information को Share करना। 
  7. Exxplings देना। 
इस तरह की बातों का ध्यान रखें जिससे Visitor और SEO दोनों के लिए अच्छा हो।

"Top 15 SEO Ranking Tips in Hindi" जिसका उपयोग करके आप  Blog and Website की Ranking Improved कर सकते हैं।
यह Visitor बढ़ाने और SEO Ranking सही करने के लिए आपके बेहद ही काम आएंगे।
आप इन 15 SEO Ranking Tips को Follow कर सकते हैं किसी भी प्रकार की अन्य Information के लिए आप हमें Comment करके हमसे पूछ सकते हैं।

Ganesh katha Special Ganesh ji ka Gajanan Naam kyu Pada


Ganesh katha Special Ganesh ji ka Gajanan Naam kyu Pada, गणेश जी का शरीर बाकी के देवताओं से अलग क्यों है। क्यों Ganesh ji को सभी देवी देवताओं में सबसे पहले पूजा जाता है।
Ganesh katha Special Ganesh ji ka Gajanan Naam kyu Pada
Ganesh ji
आइए जानते हैं Ganesh ji के शरीर से जुड़ी हुई कुछ खास बातें जो उनकी महत्वता को दर्शाती हैं।

इसके साथ ही यह हमें सीख देती है जीवन में सही दिशा की तरफ अग्रसर होने की। और सही राह पर चलने की।

आज हम जानेंगे कि Ganesh ji के सभी अंगों का क्या महत्व है। और गणेश जी सबसे अलग व श्रेष्ठ देवता क्यों माने जाते हैं एंव प्रथम पूजनीय क्यों हैं।

भगवान गणेश को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान Ganesh ji को मां पार्वती जी ने अपने शरीर के मैल से निर्मित किया था।


मां पार्वती जब स्नान करने जा रही थी, तभी उन्होंने Ganesh ji को कहा था कि जब तक मैं स्नान कर कर ना लौट आंऊ। तब तक तुम दरवाजे पर पहरा देना और किसी को भी अंदर आने मत देंना।

लेकिन तभी भगवान शंकर वहां आ पहुंचे और उन्होंने दरवाजे से Ganesh ji को हटने का आदेश दिया।  भगवान शंकर के निवेदन करने के बाद भी गणेश जी ने उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया।

इस पर भगवान शंकर जी क्रोधित हो गए और उन्होेंने भगवान Ganesh ji का सिर काट दिया।
Ganesh katha Special Ganesh ji ka Gajanan Naam kyu Pada
Ganesh ji
तभी चीख सुनकर पार्वती मां बाहर आ गयी और उन्होंने अपने पुत्र का सिर कटा हुआ देखकर विलाप करने लगी और क्रोध में आकर वे लाल हो गयी। तब भगवान शिवजी ने पार्वती को यह वचन दिया कि वह गणेश को नया जीवन देंगे।

इसके बाद भगवान शिवजी ने गणेश जी के धड़ से हाथी का सिर लगा दिया। इसलिए भगवान Ganesh ji को गजानन कहा जाता है।


 इसके बाद शंकर जी ने Ganesh ji को वरदान दिया कि वह सबसे ज्यादा विद्यावान रहेंगे और रिद्धि सिद्धि के देवता, शुभ लाभ के दाता व ज्ञान के सागर रहेंगे और सर्व बुद्धिमान माने जाएंगे।

Ganesh Chaturthi Special Ganesh Sthapna Ki Vidhi

Ganesh Chaturthi special Ganesh sthapna ki vidhi, घर लाना चाहते हैं गणपति जी की मूर्ति तो याद रखें तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान।
Ganesh Chaturthi Special Ganesh Sthapna Ki Vidhi
Ganesh
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि को Ganesh Chaturthi के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। इसी दिन भगवान गणेश जी का जन्म हुआ था। सभी देवी देवताओं में गणेश जी का प्रथम स्थान है। भगवान गणेश जी की पूजा दोपहर के समय ही करना चाहिये।

भगवान Ganesh का जन्म दोपहर में हुआ था, इसलिए इनकी पूजा का समय दोपहर का ही होता है। Ganesh ji  की पूजा से बुद्धि, विद्या और रिद्धि सिद्धि की प्राप्ति होती है, सभी विघ्नों का नाश होता है।  Ganesh ji उत्साह और ऊर्जा के प्रतीक माने जाते हैं।


Ganesh ji को दूर्वा बहुत ही प्रिय है, यदि Ganesh ji का दूर्वा से अभिषेक किया जाए तो वह सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं।

Ganesh Chaturthi में करना चाहते हैं Ganesh ji की स्थापना तो जरूर अपनाएं इन बातों

1. Ganesh ji की स्थापना में वास्तु का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

2. Ganesh ji की मूर्ति को पूर्व या उत्तर दिशा में बैठना शुभ होता है।

3. दक्षिण-पश्चिम दिशा में Ganesh ji की स्थापना ना करें।

4. पूजाघर में कभी भी भगवान Ganesh ji की दो या उससे अधिक मूर्तियों को एक साथ ना रखें। इसे अशुभ माना जाता है।


5. भगवान Ganesh ji की मूर्ति का चेहरा दरवाजे की तरफ ना रखें।

6. भगवान Ganesh ji की मूर्ति को घर पर लाते वक्त, इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखें कि गणेश जी की सूंड बाई तरफ हो।

7. ऐसी मान्यता है कि इस तरह की मूर्ति की पूजा करने से मनोकामनायें शीघ्र ही पूरी होती हैं।

8. Ganesh ji के पूजन में सफेद रंग के फूल का उपयोग कभी ना करें।

9. Ganesh ji के पूजन में लाल या पीले फूल का उपयोग करें।

10. जब Ganesh ji को लेकर आए, तब घर के अंदर लाने से पहले उनकी आरती उतारें, उसके बाद उन्हें घर के अंदर लाएं।

11. Ganesh ji की मूर्ति को स्थापित करने सें पहले पूरे घर को साफ कर लें।

 12. पूजा की थाली तैयार कर लें, भगवान Ganesh ji का स्वागत करने के लिए दरवाजे पर ही उनकी आरती करें।

13. Ganesh ji के मंत्रों का उच्चारण करें।

14. शुभ मुहूर्त में Ganesh ji की स्थापना करें।

15. ध्यान रहे भगवान Ganesh ji की स्थापना राहु काल में नहीं करनी चाहिए।

16. घर के सभी सदस्य मिलकर भगवान Ganesh ji की आरती करें।

17. पूजा की थाली में सभी आवश्यक सामग्रियों को शामिल करें, जिनकी आवश्यकता हो।


18. लड्डू, पंचमेवा से भोग की थाली सजाएं। भगवान गणेश जी को मोदक के लड्डू सबसे प्रिय है। इसलिए Ganesh ji को मोदक लड्डू जरूर चढ़ाएं।

19. Ganesh ji के बाएं और कलश स्थापित करें। कलश तांबे का होना चाहिए। जल से भरा हुआ कलश गेहूं या चावल के उपर स्थापित करें।

20. Ganesh ji के सीधे हाथ की तरफ घी का दीपक एवं दक्षिणावर्ती शंख रखना चाहिए।
Ganesh Chaturthi Special Ganesh Sthapna Ki Vidhi
Ganesh Chaturthi Special
Ganesh Pujan Vidhi गणेश जी की पूजन विधि- 

पूजन की शुरुआत में हाथ में अक्षत, जल एवं पुष्प लेकर गणेश ध्यान एवं समस्त देवी देवताओं को याद करें। एवं फूल, अक्षत अर्पित करें। भगवान Ganesh ji का आह्वान करें, Ganesh ji के आह्वान के बाद कलश स्थापना करें।

उत्तर पूर्व दिशा चौकी स्थापित करें, कलश पूजन के बाद पूजन करें। इसके बाद नवग्रह पूजन करें। हाथ में जल लेकर मंत्र पढ़ते हुए प्रभु के चरणों में अर्पित करते हैं। सूर्य को अर्ध्य देने की तरह ही पानी छोड़े व मंत्र पढ़ते हुए तीन बार जल चढ़ाएं। पान के पत्ते या दूर्वा से पानी लेकर छिड़के या स्नान कराये। परंपरागत रूप से पूजन और आरती करें।

Ganesh Pujan Mein Rakhe In Bato Ka Dhyan

Ganesh Pujan Mein Rakhe in Bato Ka Dhyan, ऐसा माना जाता है कि इस दौरान गणपति जी धरती पर ही निवास करते हैं।
Ganesh Pujan Mein Rakhe In Bato Ka Dhyan
Ganesh Pujan
हर साल विघ्नहर्ता आते हैं और भक्तों के साथ रहकर उनके सुख-दुख को बांटते हैं और उनकी सभी इच्छाओं को पूरा करते हैं। यदि भक्तगण सच्चे दिल से गणपति जी की सेवा आराधना करते हैं, तो उन्हें सभी सिद्धियां प्राप्त होती हैं।

Ganesh Pujan में रखें इन बातों का विशेष तौर पर ध्यान-

1. Ganesh Puja करते समय कभी भी दो मूर्तियों एक साथ ना रखें, क्योंकि अक्सर 2 मूर्तियों को एक साथ रखने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

2. जब दोनों मूर्ति की ऊर्जा आपस में टकराती है तो अशुभ फल की प्राप्ति होती है।


3. श्री गणेश जी को सुख समृद्धि का देवता माना जाता है, गणेश जी के मुख की तरफ सुख, समृद्धि और शुभ लाभ का वास होता है। इसलिए गणेश जी का मुख कभी भी दरवाजे की तरफ ना रखें। बल्कि एक सही दिशा चुनकर गणेश जी की स्थापना करें।

4. पुराणों के अनुसार गणेशजी की पीठ का दर्शन करना अशुभ माना जाता है।

Ganesh Pujan Mein Rakhe In Bato Ka Dhyan
GANESH CHATHURTHI
5. Ganesh Chaturth पर गणेश जी को प्रसन्न करना बेहद जरूरी है, इसलिए जरूरी है कि हम गणेश चतुर्थी की पूजन विधि सही तरह से करें और उन्हें किस तरह से खुश करना है, पूरी, पकवान, मेवा, मिष्ठान बनाकर उनकी सेवा करें।

और इस पूरी, पकवान को वृध्द गरीबों, निसहायो में बांट दें। ताकि गणपति जी का आशीर्वाद हमें प्राप्त हो, और हम उन्हें खुश कर पाएं।



गणेश चतुर्थी के पावन मौके पर गणेश जी हमारे घर पर मेहमान बनकर 10 दिनों तक आते है। हमें इनकी बहुत अच्छे तरीके से सेवा आराधना करनी है और उन्हें खुश रखना है। ताकि जब आए तो फिर यहां से कभी ना जाए और यहां रहने का मन बना लें।

Vighnaharta Gauri Putra Ganesh जी काये पावन त्यौहार हमें शुभ लाभ देता है, इसके साथ ही रिद्धि सिद्धि प्रदान करता है। गणपति के आगमन के पर एक अलग ही माहौल देखने को मिलता है।
Ganesh Pujan Mein Rakhe In Bato Ka Dhyan
Ganesh ji Pujan
ऐसी भी मान्यता है कि Bhagwan Ganesh जी धरती पर आकर अपने भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। और Anant Chaturdashi तक गणेश जी की हम सभी सेवा आराधना करते हैं।

Ganesh Chaturthi Ka Mahatva Shubh Muhurat

Ganesh Chaturthi ka mahatva और  shubh muhurat, गणेश जी हमारे घर में मेहमान बनकर आने वाले है। Ganesh Chaturthi का शुभारंभ 13 सितंबर से शुरू हो जाएगा। आइए जानते हैं कि विघ्नहर्ता का आशीर्वद हम कैसे पा सकते है।
Ganesh Chaturthi Ka Mahatva Shubh Muhurat
Ganesh Chaturth

Ganesh Chaturthi का पर्व मुख्य रूप से भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन प्रथम पूज्य गणेश जी का जन्म हुआ था।

Ganesh Chaturthi गणेश चतुर्थी महत्व- 

गणेश चतुर्थी Ganesh Chaturthi के मौके पर लोग अपने घर में गणेश जी की प्रतिमा को स्थापित करते हैं, और उसकी विधिवत पूजन, आरती करते हैं। इन 10 दिनों तक गणेश जी अपने भक्तों के पास ही होते हैं और उनकी पूजा को स्वीकार करते हैं। और गणेश जी अपने भक्तों की सभी इच्छाओं को पूरा करते हैं।

देश भर में गणेश चतुर्थी Ganesh Chaturthi बहुत ही धूमधाम से मनाई जाती है। आइए जानते हैं किस तरह से गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए हमें पूजन करना होगा। गणेशजी की प्रतिमा की स्थापना दोपहर के समय की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इनका जन्म मध्यान्ह में हुआ था।


1. Ganesh जी की स्थापना करने से पहले गणेश जी के स्थान को स्वच्छ करें। और उस पर एक पटा या चौकी रखकर उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाये। और फिर गणेश जी की स्थापना करें।

2. Ganesh जी की स्थापना के साथ-साथ रिद्धि सिद्धि के रूप में सुपारी की स्थापना करें और एक सुपारी गणेश जी की स्थापना पान के पत्ते के ऊपर करें। सुपारी गणेश जी पर वस्त्र के रूप में रक्षा सूत्र बांधे।

3. Ganesh जी की स्थापना के बाद कलश स्थापित करें। गणेश जी की स्थापना के समय गणेश जी के स्थान के उल्टे हाथ की तरफ जल से भरा हुआ कलश रखें। जल से भरा हुआ कलश गेहूं या चावल के उपर स्थापित करें।

4. लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाकर मूर्ति की स्थापना करें। इस मंत्र का उच्चारण करें-

ॐ वक्रतुंडाय महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।

5. शाम के वक्त गणेश जी की पूजा उपासना करें और उनके सामने घी का दीपक जलाएं।

6. गणपति को लड्डुओं का भोग लगाएं।


7. गणपति को दूर्वा भी अर्पित करें। ऐसा करने से आपकी मनोकामना पूर्ण होगी।

8. अपनी इच्छा के अनुसार गणपति के मंत्रों का जाप करें।

9. लड्डू के भोग के साथ-साथ गणेश जी को प्रतिदिन पंचमेवा जरूर चढ़ाएं।

10. सामर्थ्य अनुसार Ganesh जी को सभी चीजों का भोग लगाएं और उन्हें प्रसन्न करने के सभी प्रयत्न करें। अन्य सभी चीजें गणेश जी को अर्पित करें, और अंत में प्रसाद बांटे।
Ganesh Chaturthi Ka Mahatva Shubh Muhurat
Bhagwan Ganesh ji

गणेश चतुर्थी Ganesh Chaturthi पूजन का शुभ मुहूर्त-

गणेश चतुर्थी Ganesh Chaturthi कब से प्रारंभ हो रही है- बुधवार 12 सितंबर को शाम 4 बजकर 07 मिनिट से

गणेश चतुर्थी Ganesh Chaturthi कब तक रहेगी- गुरुवार 13 सितंबर को दोपहर 2 बजकर 51 मिनिट तक चतुर्थी रहेगी।


Ganesh Chaturthi गणेश पूजन के लिए मध्याह्न मुहूर्त- गुरुवार 13 सितंबर को सुबह 11 बजकर 02 मिनिट 34 सेकेंड से 1 बजकर 31 मिनिट 28 सेकेंड तक पूजन का शुभ मुहूर्त है।

राहुुकाल का समय- 13 सितंबर को 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक राहुुकाल रहेगा। राहुुकाल से पहले पूजन कर लेें।


Bhagwan Shiv ji Ne dharan kiye zehreelay Jeev jantu aur bhasma iska kya Karan hai. भगवान शिव ने धारण किए जहरीले जीव जंतु और भस्म इसका क्या कारण है।

Bhagwan Shiv ji Ne dharan kiye zehreelay Jeev jantu aur bhasma iska kya Karan hai. शिव जी ने उन सभी को शरण दी है, जिनसे इस दुनिया ने घृणा की है।



Bhagwan Shiv ने संसार में व्याप्त उन सभी कड़वाहट और नकारात्मक चीजों का सेवन किया है। संसार में व्याप्त सारी बुराइयों को अपने भीतर ग्रहण किया है, जिससे संसार में नकारात्मक शक्ति और बुराइयों से अपने भक्तों को बचाया जा सके।
Bhagwan Shiv ji Ne dharan kiye zehreelay Jeev jantu aur bhasma iska kya Karan hai.
Bhagwan Shiv ji 

Shiv ji ने अपने शरीर पर सर्पों की माला और जहरीले पदार्थों का सेवन किया।

सर्पों की माला को Shiv ji ने अपने गले में धारण कि सर्पों से मनुष्य डरते हैं, और उन्हें अपने से दूर ही रखते हैं, क्योंकि सर्प जहरीले होते हैं। जिससे मनुष्य के जीवन को खतरा हो सकता है।

इसी कारण Bhagwan Shiv ने उन्हें अपने गले में धारण किया है। भगवान शिव अपने कानों में बिच्छू को धारण करते हैं, यह भी बेहद ही जहरीले होते हैं। भगवान शिव के आसपास भूत-प्रेतों की टोली होती है, जिन जीव-जंतुओं से मनुष्य दूर रहता है, जिन्हें वह अपने पास नहीं रखना चाहता।

उन सभी जीव जंतु का भगवान शिव पालन करते हैं, उन्हें अपने पास स्थान देते हैं। यही कारण हो सकता है कि भगवान शिव ने संसार की उन वस्तुओं या जीवो को धारण किया, जिनका मनुष्य ने तिरस्कार किया।


Bhagwan Shiv क्यों धारण करते हैं श्मशान की भस्म।

राजा दक्ष द्वारा भगवान शिव का अपमान होने के कारण, माता सती स्वयं को राजा दक्ष द्वारा किए जा रहे यज्ञ में भस्म कर लेती हैं। तब भगवान शिव क्रोधित होकर राजा दक्ष की गर्दन काट देते हैं। भगवान शिव माता सती के शव को लेकर सारे ब्रह्मांड में विचरण करते हैं। माता सती के शरीर से निकलने वाली भस्म को भगवान शिव अपने शरीर पर धारण करते हैं, यह प्रथा तभी से चली आ रही है, भगवान शिव पर भस्म चढ़ाई जाती है।


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Bhagwan Shiv ने सृष्टि को बचाने के लिए हलाहल विष को सेवन किया था।

देवताओं और राक्षसों ने मिलकर समुद्र मंथन किया, उस समुद्र मंथन से 14 रत्नों में से एक विष भी था, जिसको हलाहल विष के नाम से जाना जाता है। देवताओं और राक्षसों ने उस विष को ग्रहण नहीं किया, तब देवों के देव महादेव ने उस विष को अपने कंठ में धारण किया।

इस विष में इतनी गर्मी थी कि भगवान शिव के अलावा इस ब्रम्हांड में उस विष को कोई और धारण नहीं कर सकता था। इस सृष्टि और सभी जीव जंतुओं को बचाने के लिए भगवान शिव ने उस विष को अपने कंठ में धारण किया। तभी से भगवान शिव नीलकंठ नाम से जाने जाते हैं, उस विष के प्रभाव से भगवान शिव का कंठ नीले रंग का हो गया।

Bhagwan Shiv पर भांग धतूरा बेल क्यों चढ़ाया जाता है

भगवान शिव ने जब हलाहल विष का सेवन किया था, तब उनका शरीर व्याकुल होने लगा। उस विष के प्रभाव से बचने के लिए अश्विनी कुमारों ने इन औषधियों से शिवजी की व्याकुलता को दूर किया था। तभी से भगवान शिव पर भांग, धतूरा, बेल आदि चढ़ाया जाता है।

Bhagwan Shiv के तीनों नेत्र किसके प्रतीक हैं

पहला नेत्र ब्रह्मा जो सृष्टि का सृजन करते हैं, दूसरा नेत्र विष्णु जो सृष्टि का पालन करते हैं, तीसरा नेत्र शिव जो सृष्टि का संहार करते हैं।

जब तीसरा नेत्र खुलता है तो केवल और केवल विनाश होता है, जैसे कामदेव को भस्म किया था, भगवान शिव ने अपने तीसरे नेत्र से।

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Bhagwan Shiv की जटाओं पर माता गंगा का वास है।

भगवान शिव की जटाओं में मां गंगा विराजमान है और मां गंगा को विराजमान करने की ताकत अन्य किसी देवताओं में नहीं है। केवल उनको देवों के देव महादेव ही धारण कर सकते थे।

Bhagwan Shiv अपने मस्तक पर चंद्र को क्यों धारण करते हैं।

Bhagwan Shiv के सिर पर चंद्र विराजमान जो शीतलता का प्रतीक है, भगवान शिव शेर की खाल के वस्त्र पहनते हैं, भगवान शिव के पूरे शरीर में जिन जिन जीव और वस्तुओं को धारण किया है। उसका कोई ना कोई मतलब है।

ऐसे परम आनंद को देने वाले Bhagwan Shiv को प्रसन्न करने के लिए उनकी प्रिय वस्तुओं को उन पर चढ़ाना चाहिए और उन वस्तुओं को फिर दान करना चाहिए। जिससे उनका उपयोग जरूरतमंद कर सकें।

The problem of Mob lynching is increasing in India. मोब लिंचिंग की समस्या भारत में निरंतर बढ़ती जा रही है

Mob Lynching की समस्या India में निरंतर बढ़ती जा रही है। इसका मुख्य कारण है बिना जाने समझे किसी भी बात पर Believe कर लेना। कोई भी Social Media का Use करके खुराफाती तत्व, इस तरह की खबरें समाज तक पहुंचाते हैं, पर इन खबरों से आपको बचना है।

What is Mob Lynching. 

भीड़ के द्वारा किसी व्यक्ति पर बिना जाने समझे, उसके साथ हिंसा करना, यह जाने बिना कि वह गुनाहगार है या नहीं। अपने तरीके से उसको सजा देना, उस व्यक्ति को इस बात का मौका ना देना कि वह कोई सफाई दे सकें, इसे Mob lynching कहते हैं। सीधी भाषा में कहें तो भीड़ के द्वारा किसी भी व्यक्ति को सजा देना या मार देना।

इस तरह की घटना को अंजाम देना कानून तोड़ना है, कानून का सम्मान ना करना और अपने मन से जो भी समझ में आए, वह करना। इससे देश का सम्मान, देश के कानून को ताक पर रखकर भीड़ के द्वारा इस तरह का निर्णय लेना निंदनीय है।
The problem of Mob lynching is increasing in India.
 Mob lynching

Use of social media for Mob lynching is fatal.

झूठी घटनाओं को समाज में फैलाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग होता है और लोग बिना जाने समझे इन बातों पर विश्वास करते हैं और गलत निर्णय ले लेते हैं।

कुछ गलतियां समाज के उन लोगों की है जो इस बात की तहकीकात नहीं करते, कि यह घटना या सही है या नहीं। बिना जाने समझे, इन बातों को अन्य लोगों तक पहुंचाने लगते हैं, जो की मूर्खता पूर्ण कार्य है।

इस तरह की गलत सूचना से किसी व्यक्ति की जान भी जा सकती है, और कई तरह के ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं होगा, इसलिए इस तरह की घटनाओं से बचना चाहिए।

कुछ लोग तो बिना जाने समझे, ऐसी पोस्ट शेयर करते हैं, जिससे उनको लाइक और follower बढ़े। पर वह यह नहीं समझते कि इस तरह की सूचना कितनी नुकसानदायक हो सकती है।

कानून के द्वारा इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सोशल मीडिया, WhatsApp पर किसी भी तरह की गलत सूचना फैलाने वाले को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। जल्द ही इस तरह का कानून सरकार के द्वारा लाया जाएगा।


Such incidents happen due to the following reasons.(Mob lynching) इस तरह की घटनाएं निम्न कारणों से होती है।

अंधविश्वास blind faith

Mob lynching जैसी घटनाओं को बढ़ावा देता है, अंधविश्वास। किसी की भी बातों में आकर भीड़ बिना समझे और जाने कि सच्चाई क्या है। इस तरह की घिनौनी घटना को अंजाम दे देती है। जिससे बेकसूर लोग भी मारे जाते हैं।

अगर कोई व्यक्ति कसूरवार है, तब भी समाज को इसका अधिकार नहीं कि वह उसको सजा दें। यह अधिकार केवल कानून का है, अंधविश्वास समाज को नीचे की ओर ले जाता है। बिना जाने समझे किसी भी बात का निर्णय लेना मूर्खता होती है, इसलिए जरूरी है कि समझदार बने और अंधविश्वासों से दूर रहें।

कुरीतियां evils

भारत में आज भी ऐसी कई तरह की कुरीतियां चली आ रही हैं, जिनके कारण कई बेकसूर लोग Mob lynching जैसी घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। समाज को एकजुट होना चाहिए, इस तरह की कुरीतियों को दूर करने के लिए, ना कि बढ़ावा देने के लिए। समाज का दायित्व है कि वह समाज में जागरूकता फैलाएं और इस तरह की निंदनीय घटनाओं को होने से रोके।

ऊंच नीच, जात पात की भावना

दुनिया 21वीं सदी मैं आ गई है और आज भी समाज में ऊंच नीच और जात पात की भावना बनी हुई है। जिसके कारण Mob lynching जैसी घटनाएं घटित होती रहती हैं। इंसान का पहला कर्तव्य है, इंसानियत। जिस व्यक्ति के अंदर इंसानियत नहीं है, वह मनुष्य कहलाने के लायक नहीं।

जात पात और ऊंच नीच जैसी बातें धार्मिक ग्रंथों में भी नहीं मिलती। भगवान कृष्ण और भगवान राम के आदर्शों से भी आप सीख सकते हैं कि जब स्वयं भगवान ने जात पात और ऊंच नीच जैसी बातों को मान्यता नहीं दी। तो एक तुच्छ मनुष्य इस तरह की बातों पर क्यों अमल करते हैं, इसलिए समाज से ऊंच नीच, जात पात जैसी भावनाओं, बातों को मिटा देना चाहिए। जिससे Mob lynching जैसी घटनाएं ना हो।



धार्मिक कारण Religious reasons

भारत धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, और इसमें सभी धर्मों को समानता अधिकार दिए गए हैं। समाज अपने विचारों को किसी के ऊपर भी लाद नहीं सकता। सभी धर्म के लोगों को अपने-अपने तरह से रहने का अधिकार है। भारत में Mob lynching जैसी घटनाएं धर्म के नाम पर भी हो रही है, जिन को रोका जाना चाहिए। इसके लिए समाज के सभी उच्च वर्ग के लोगों को समाज में फैली इन बुराइयों को मिटाना चाहिए।

जागरूक ना होना Not being aware

समाज में होने वाली इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए जागरूक होना बेहद ही जरूरी है। किसी भी व्यक्ति की बातों में ना आकर स्वयं इन बातों पर विचार करें। जिससे Mob lynching जैसी घटनाएं ना बढ़े।

इस तरह की घटनाओं से समाज गलत दिशा में जाता है, समाज को जागरुक करने का कर्तव्य हर एक व्यक्ति का होता है। समाज में जरूरी बातें हैं अच्छी शिक्षा, रोजगार, देशभक्त, समाज सेवी जैसे कार्यों में आगे बढ़ना, जिससे समाज और देश दोनों का ही नाम होगा।

Mob lynching जैसी घटनाओं को समाज से मिटाना है, जिससे खुराफाती तत्व, देश विरोधी आदमी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा ना दे पाएं। इसमें पूरे समाज और हर एक अच्छे व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह इस तरह की निंदनीय घटनाओं को रोकें, और समाज के सुधार के लिए कार्य करें। धन्यवाद

The Secret of Shiva's Kanwar Yatra शिव जी की कावड़ यात्रा का रहस्य

The secret of Shiva's kanwar Yatra, Sawan Ke mahine mein Bhagwan Shiv Ki kanwar Yatra Nikali Jati hai.Kawar Yatra nikalne ke liye Bhakt badi Shraddha bhaw se nadi se Jal bhar kar Bhagwan Shiv par Jal Abhishek Karte Hain.

The Secret of Shiva's Kanwar Yatra शिव जी की कावड़ यात्रा का रहस्य 2018
Kanwar Yatra

क्या आप जानते हैं -
Bhagwan Shiv's की कावड़ यात्रा क्यों निकाली जाती है इससे जुड़े कुछ रोचक बातें हम आप तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.

हिंदू धर्म के अनुसार भगवान शिव की कावड़ य़ात्रा का नियम है, जिस कारण से भोलेनाथ के भक्त उनकी प्रिय कावड़ यात्रा निकालते हैं। लेकिन यह यात्रा कैसे और कब शुरू हुई, इसके बारे में आप शायद जानते होंगे।

आइए जान लेते हैं, इससे जुड़ी कुछ मान्यताओं के बारे में - "The secret of Shiva's kanwar Yatra"


कथा के अनुसार
माना जाता कि इस यात्रा की शुरुआत समुद्र मंथन के समय से हुई है, समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को पीने के बाद शिवजी का शरीर नीला हो गया था।

जिसे देखकर देवतागण परेशान होने लगे। इसके प्रभाव को खत्म करने के लिए उन्होंने पवित्र  गंगाजल को शिव के शरीर में कांवड़ में भरकर चढ़ाया था।

लोगों का यह भी मानना है कि श्रवण कुमार ने भी इस परंपरा की शुरुआत की थी। अपने माता-पिता को हरिद्वार में गंगा स्नान कराने की इच्छा को पूरा करने के लिए कांवड़ में बैठाकर ले गए थे। तभी से कावड़ यात्रा की शुरुआत हुई।

The Secret of Shiva's Kanwar Yatra शिव जी की कावड़ यात्रा का रहस्य
Kanwar Yatra

पौराणिक कथाओं व मान्यताओं के अनुसार सबसे पहले भगवान राम ने उन्होंने कावड़ में जल भरकर शिवलिंग का अभिषेक किया था।

इसके अलावा प्रचलित मान्यताओं के अनुसार भगवान परशुराम ने भी कावड़ उठाई थी।



गंगाजल से भोलेनाथ का अभिषेक करने से, भोलेनाथ का शरीर ठीक हो गया। इसलिये भोलेनाथ की
कावड़ यात्रा निकाली जाती है। और गंगाजल लेकर नीलकंठ महादेव को चढ़ाते हैं।

"The secret of Shiva's kanwar Yatra" जैसे जो भी Shiva-bhakt Bhagwan Neelkanth Mahadev पर Sawan Mah में कांवड़ के द्वारा Jal Abhishek करता है, उसे विशेष फल की प्राप्ति होती है। भोलेनाथ बेहद ही दयालु हैं। उनके ऊपर जल चढ़ाने वाले और उनको स्मरण करने वाले व्यक्तियों के सारे कष्ट हर लेते हैं।

Shiv pujan me Bhool Kar bhi na pehne is Rang Ke kapde Shivji Ho Jayenge naraz

Bhagwan Shiv Ki Puja karte samay kabhi bhi in rangon ke kapde nahi pehna chahiye. Shivji ki Pooja karte samay in Baaton ka Aap visheshtour Par Dhyan Rakhein.



Shiv pujan me Bhool Kar bhi na pehne is Rang Ke kapde Shivji Ho Jayenge naraz
shiv ji

Bhagwan Shiv ko Prasann karna hai to Sawan Ke mahine Se Achcha Koi Aur dusra Samay nahi hai. iss samay Bhagwan Shiv Dharti par vicharan karne ke liye Aate aur sari Shristi ka karobaar sambhalte hai. Hota Hai isliye Bhagwan Shiv ko Prassan karne ke liye aap in rangon Ka upyog kar sakte hain.

सावन का महीना भगवान शिव का सबसे अतिप्रिय महीना है। यदि कोई व्यक्ति इस महीने में सच्चे मन से भोलेनाथ की पूजा करता है, तो उसकी सभी इच्छाएं जल्द ही पूरी होती हैं। एक बात ये है कि इस महीने में खाने पीने की चीजों से परहेज करना चाहिये।



शिव पूजा में काले रंग के कपड़ों को पहनना शुभ नही माना जाता है। शिवजी की पूजा में किसी भी रंग के कपड़े पहने जा सकते हैं। लेकिन इस दौरान एक रंग पहनना वर्जित माना जाता है, वह काला रंग।

सावन के महीने में महिलायें हरी चूड़ियां या साड़ियां या अन्य कपड़े इसलिए पहनती हैं, ताकि उन्हे शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त हो। इसी महीने में हरियाली अमावस्या पड़ती है, और इस महीने में सारा वातावरण बेहद ही खूबसूरत हो जाता है और हरा भरा हो जाता है।

Shiv pujan me Bhool Kar bhi na pehne is Rang Ke kapde Shivji Ho Jayenge naraz
shiva

इसलिए इस महीने में हरे रंग का विशेष महत्व होता है, अर्थात सावन के महीने में हरे रंग की अपनी एक अलग ही शोभा होती है।

शिव जी को प्रकृति बेहद ही प्रिय है और वह हरे वातावरण में ही रहते हैं इसलिए इस महीने में हरे रंग को जरूर पहनना चाहिए।



भगवान भोलेनाथ को प्रकृति की सुंदरता के बीच में बहुत रहना प्रिय था। इसलिए महिलाएं सावन के महीने में एक नहीं बल्कि कई कारणों की वजह से हरा रंग पहनती हैं।

माना जाता है कि शिव जी को काला रंग बिल्कुल पसंद नहीं है। यदि आप इनके गुस्से से बचना चाहते हैं, उनकी कृपा पाना चाहते हैं। तो शिवजी की पूजा में काले रंग के कपड़े ना पहनें।

APJ Abdul Kalam Motivational speech

भारत के पूर्व राष्ट्रपति A.P.J. Abdul Kalam जिनको Missile Man के नाम से जाना जाता है, उन्होंने हर युवा के लिए ऐसी Motivational Speech दी है, जिससे उनके दिल में जोश भर जाएगा।



APJ Abdul Kalam Motivational speech
A.P.J. Abdul Kalam

A.P.J. Abdul Kalam ने कहा कि इससे पहले कि सपने सच हों, आपको सपने देखने होंगे।

भारत रत्न डॉक्टर ए. पी. जे. अब्दुल कलाम एक राष्ट्रपति के रूप में भी करोड़ों हिंदुस्तानियों के सपने को साकार करने के लिए हमेशा ही उन्हें प्रेरणा देते रहे हैं।

ये देश के बेहद प्रिय और लोकप्रिय राष्ट्रपति थे। जिन्हें लोग मिसाइल मैन के नाम से भी जानते थे। उनके विचार युवाओं के लिए बेहद ही प्रेरणादायक रहे हैं।

ऐसे ही जोश भर देने वाले वाक्य जो एपीजे अब्दुल कलाम ने लोगों को बताएं, जो बेहद ही प्रेरणादायी रहे हैं।



ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने कहा है कि आसमान की ओर देखो और यह सोचो कि हम अकेले नहीं हैं, जो लोग सपने देखते हैं और कठिन मेहनत करते हैं, उनके साथ पूरी कायनात होती है।

एक बेहद निम्न स्तर परिवार से होने के बाद भी वे अपनी मेहनत के बल पर बड़े से बड़े सपने को साकार करने का हौसला रखते थे।

ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने कहा है कि- सपने वह नहीं है जो आप सोते समय देखते हैं बल्कि सपने वह है जो आपको सोने नहीं देते। आपके सपने सच होने से पहले आपको सपने देखने की हिम्मत जुटानी होगी।

अब्दुल कलाम लोगों के लिए एक बहुत बड़ा उदाहरण है, जो लोगों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ उनके हौसले को भी बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

वह हमारे बीच में नहीं है, लेकिन उनके द्वारा सिखाई गई बातें और उनके द्वारा बतायी गयी राहों पर चलकर हमें अपने आप को सफल बनाना है, और साबित करना है।



हमें उनके द्वारा सिखाई गई बातें और प्रेरणादायक स्रोतों को हमेशा अपने मन में स्थान देना है, और उनके ही बताये गये रास्तो पर चलना है। ताकि हम भी अपने जीवन में कुछ कर सकें और उनके और अपने सपनों को सच कर सकें।

उन्होंने देश की जनता के लिए, देश के युवाओं के लिए और देश के बच्चों के लिए ना जाने कितने ही सपने देखे हैं। उन सभी सपनों को हमें सच करना है और यह साबित करना है कि उन्होने जो हमारे लिए सपने देखे हैं, वह जाया नहीं जाएंगे, हम उन्हें पूरा करके रहेंगे।

Shiv Puja Hindi tips Katha Sawan Ka Mahina शिव पूजा हिंदी टिप्स कथा सावन का महीना

Shiva Puja में इन सरल और असरदार Hindi Tips से आप इस Sawan Ka Mahina में Bhagwan Shiv की असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं। महादेव Lord Shiva को प्रसन्न करना अत्यंत ही सरल है।

Shiv Puja Shubhkamna Sandesh
Shiv Puja Shubhkamna Sandesh
Shiva बड़ी ही दयालु है, वह अपने भक्तों पर कभी भी कष्ट नहीं आने देते। भगवान शिव की पूजा में जो भी उपाय आप श्रद्धा भाव से करते हैं, उन सभी उपायों को भगवान शिव ग्रहण करते हैं।

इस बात का आप अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं। कि भगवान शिव ने देवों और राक्षसों के बीच में कभी भी भेदभाव नहीं रखा। संसार में जिन भी वस्तुओं जीवों से घृणा की गई है, उन सभी को भगवान शिव ने आश्रय दिया है।

Bhagwan Shiv के गले में सर्प की माला होती है, शरीर पर भस्म होती है और वह देवो और राक्षसों दोनों के ही बीच में रहते हैं।

Bhagwan Shiv की जो भी श्रद्धा भाव से पूजा करता है, उन सभी को विशेष फल की प्राप्ति होती है, उनके सभी बिगड़े काम बन जाते हैं, बस भगवान शिव पर अटूट विश्वास होना चाहिए।

जब तक भक्तों का भगवान पर संदेह बना हो तो वह भगवान को कैसे प्रसन्न करेगा। इसलिए मन में किसी भी प्रकार का संदेह नहीं होना चाहिए, भगवान पर अटूट विश्वास होना चाहिए।


आइए एक कथा संक्षिप्त में आपको बताते हैं

Bhagwan Shiv और Bhasmasur की आपको Katha बताते हैं।

भस्मासुर नामक राक्षस ने भगवान शिव की कृपा और वरदान पाने के लिए घोर तप किया। भगवान शिव ने भस्मासुर से प्रसन्न होकर उसको मनवांछित वर मांगने को कहा। तब भस्मासुर ने भगवान शिव से वरदान मांगा कि वह जिस व्यक्ति के सिर पर हाथ रखेगा, वह तुरंत ही भस्म हो जाएगा।

Bhagwan Shiv ने भस्मासुर को यह वरदान दे दिया। तब भस्मासुर के मन में एक विचार आया कि मैं इस वरदान का उपयोग किस पर करूं। यहां तो कोई भी नहीं है, तब उसके मन में यह विचार आया कि क्यों ना मैं इस वरदान को भगवान शिव पर ही उपयोग करूं। तब वह भगवान शिवजी की ओर भागा।

Bhagwan Shiv ने उसकी यह बात समझ ली और भगवान शिव वहां से अदृश्य होकर विष्णु भगवान के पास गए और उनसे कहा मेरे द्वारा Bhasmasur को वरदान दिया गया है। जिसके भी सिर पर हाथ रखेगा वह भस्म हो जाएगा, तो उस मूर्ख ने मुझे ही भस्म करने का मन बना लिया, आप कोई रास्ता सुझाएं। तब भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण करके उस राक्षस के समक्ष प्रकट हुए और नृत्य के जरिए उस राक्षस का हाथ उसी के सिर पर रखवा दिया, जिससे वह स्वयं ही भस्म हो गया।

इस Katha को सुनाने का अर्थ केवल इतना है कि भगवान शिव इतने दयालु हैं, कि उन्होंने वरदान देते समय इस बात का विचार नहीं किया कि वह राक्षस उन्हें ही हानि पहुंचाएगा, उन्होंने उसकी भक्ति देखी। इसलिए भगवान को भोलेनाथ भी कहा जाता है।


Bhagwan Shiv अंतर्यामी है, वह सब कुछ जानते हैं। वह यह भी जानते थे कि वह राक्षस उन्हें ही हानि पहुंचाने की कोशिश करेगा। उसके पश्चात भी भगवान शिव ने उस को वरदान दिया और उस मूर्ख राक्षस ने भगवान शिव पर ही उस वरदान को आजमाने की कोशिश की। पर वह मूर्ख राक्षस यह नहीं जानता था कि जो खुद महाकाल है, उसका वह मूर्ख राक्षस क्या बिगाड़ सकता है।

Shiv Puja Hindi tips मे Bhagwan Shiv को प्रसन्न करने का सबसे सरल साधन है कि आप बड़ी श्रद्धा भाव से भगवान शिव पर एक लोटा जल चढ़ा कर सभी मनोकामना को पूर्ण करने का निवेदन करें। बस आपका शिवजी पर अटूट विश्वास होना चाहिए।

Easy Hindi Tips Shiv Puja भगवान शिव को प्रसन्न करने का सरल साधन -

1. शिव चालीसा का पाठ करके।

2. ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करके।

3. फल और फूल को चढ़ा कर।

4. शिवजी की आरती करके।

5. धूप दीप और हवन करके।


क्योंकि शिव ही सत्य है, शिव ही सुंदर है, शिव ही जन्म है, शिव ही अंत है, शिव ही अनंत है।

Shiva is the truth, Shiva is beautiful, Shiva is the birth itself, Shiva is the end, Shiva is infinite.

Sawan Mahina Me Bhagwan Shiv ko Prasan karne ke Adbhut aur Saral upay भगवान शिव को प्रसन्न करने के अद्भुत सरल उपाय

Devon Ke Dev Mahadev Bhagwan Shiv बहुत ही दयालु है, भक्तों की छोटी सी परेशानी भी उनसे देखी नहीं जाती। आइए जानते हैं Bhagwan Shiv ko Prasan karne ke Adbhut aur Saral upay.



जो भी जातक (भक्त) भगवान शिव की सच्चे मन से, श्रद्धा भाव से प्रार्थना करता है, भगवान शिव उनकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। जो भक्त अहंकार, क्रोध, काम, मोह की भावनाओं से दूर होकर भगवान शिव की पूजा करते हैं, स्तुति करते हैं। उन पर देवों के देव महादेव जल्दी प्रसन्न होते हैं। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए इन सरल उपायों को आप कर सकते हैं।

Bhagwan Shiv Ki Puja Mein in Saral upay ko Karke manvanchit fal pa sakte hain


भोलेनाथ, महादेव को प्रसन्न करना बेहद ही सरल है, वह तो एक लोटे जल से प्रसन्न हो जाते हैं। भगवान शिव को इन वस्तुओं और खाद्य पदार्थों को चढ़ाने से विशेष फल प्राप्त होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह इतना सरल है कि कोई भी व्यक्ति इसे आसानी से कर सकता है।

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2. Shiv Ji Ki Maha Aarti Evam Kyon Karte Hai Aarti शिव जी की महाआरती एवं आरती क्यों की जाती है

3. Bhagwan Shiv Ki Puja Mein Rakhe in Baaton Ka Dhyan Kya Kare Kya Na Kare Jane भगवान शिव की पूजा मैं इन बातों का रखें ध्यान। क्या करें क्या ना करें।

  • शिवपुराण के अनुसार इन उपायों को भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए करना चाहिए।
1. भगवान शिव पर गेहूं चढ़ाने से वंश की वृद्धि होती है।
2. भोलेनाथ पर तिल चढ़ाने से पाप नष्ट होता है।
3. महादेव पर चावल चढ़ाने से धन प्राप्त होता है।
4. शिव जी पर जौ अर्पित करने से सुख-सुविधा प्राप्त होती है।
5. जल अर्पित करने से सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है, शिवजी पर जलाभिषेक करने से शिवजी अति प्रसन्न होते हैं।
  • भगवान शिव की पूजा में इन पदार्थों का उपयोग करें भगवान शिव आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करेंगे शिवपुराण में इन सामग्रियों का वर्णन है।
1. सफेद और लाल आंकड़े के फूल, चमेली, अलसी के फूल, शमी वृक्ष की पत्ती, बेला, जूही, कनेर, हरसिंगार, धतूरे के फूल दूर्वा, बिल्वपत्र, दूध, केसर, शहद इन सब पदार्थ सामग्री को भगवान शिव पर चढ़ाने पर विशेष फल प्राप्त होता है।

2. भगवान शिव का सबसे सरल मंत्र है "ॐ नमः शिवाय" इस मंत्र का आप जब कर सकते हैं। जिससे आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी, कम से कम एक माला का जप करें।

3. बिल्वपत्र भगवान शिव को चढ़ाने से अति प्रसन्न होते हैं। बिल्वपत्र में ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों एक साथ विराजमान होते हैं।

कहते हैं जब माता पार्वती जी ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए तप किया था। तब उन्होंने इन्हीं बिल्वपत्रों को भगवान शिव को अर्पित किया था, उसी के साथ इन्हीं बिल्वपत्रों का सेवन किया था। इसलिए भगवान शिव को यह बिल्वपत्र अति प्रिय है। भगवान शिव स्वयं इस पेड़ में विराजमान होते हैं।

4. श्रवण मास में सावन सोमवार उपवास रखें, जिससे सफलता, सौभाग्य, वैवाहिक जीवन और समृद्धि प्राप्त होती है।


  •  भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यह उपाय भी आप कर सकते हैं।

1. सावन में हर रोज 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से 'ॐ नमः शिवाय' लिखकर भगवान शिव पर चढ़ा सकते हैं। जिससे मनवांछित फल मिलता है।

2. घर में गोमूत्र का छिड़कने से घर की Negative energy नष्ट होती है।

3. विवाह में आने वाली अड़चनों को को दूर करने के लिए भगवान शिव पर केसर और दूध चढ़ाएं। यह करने से विवाह के योग जल्द बनता है।

4. प्रातः काल स्नान करने के पश्चात शिव मंदिर या घर में विराजित शिवलिंग पर जल अभिषेक करें। और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करें।

5. तलाब और नदियों मैं मछलियों को आटे की बनी गोलियां खिलाएं। आटे की गोलियां खिलाते समय 'ओम नमः शिवाय' मंत्र या शिव जी का ध्यान करें।

6. श्रावण मास में भगवान शिव की सवारी नंदी महाराज को हरा चारा खिलाएं। इससे शिवजी बेहद प्रसन्न होते हैं।

7. सावन माह में शिव पुराण का पाठ करें।

8. सावन माह में भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए गरीबों को भोजन कराएं, और जरूरतमंदों को दान करें।

9. शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करें, इससे शिवजी बेहद प्रसन्न होते हैं।

10. भगवान शिव पर भांग और धतूरा चढ़ाना अति शुभ होता है, इससे महादेव प्रसन्न होते हैं।

"Wonderful ways to please Lord Shiva in Sawan mahina" सावन महिना में भगवान शिव को खुश करने के अद्भुत तरीके और सरल उपाय का अगर आप उपयोग करते हैं। तो भगवान शिव की कृपा दृष्टि सदैव आप पर बनी रहेगी। यह पूरी जानकारी शिव पुराण एवं ग्रंथों में लिखित है।



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