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» » Dreams of Green Revolution हरित क्रांति के सपने



यह कहना तो गैर मुनासिब होगा कि नेहरू जी भारत में हरित क्रांति के अग्रदूतथे। लेकिन यह सच है कि नेहरु ने स्वाधीन भारत में हरित क्रांति के सपने जरूर देखे थे। देश में हरित क्रांति के सपने को पूरा करने के लिए प्रेरक के रूप में भूमिका निभाई थी। डॉक्टर नॉर्मन बोरलॉग ने और आगे चलकर एम. एस. स्वामीनाथन् और उनके सहयोगी कृषि वैज्ञानिकों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  यहां इस बात का उल्लेख अवश्य किया जाना चाहिए कि नेहरु जी ने देश में हरित क्रांति के बीज बोए थे ताकि देश को भूखमरी के अभिशाप से मुक्त किया जा सके।
Dreams of Green Revolution
awareness

18 जनवरी 1948 को आकाशवाणी से 'अधिक अन्न उपजाओ 'कार्यक्रम की उद्घोषणा करते हुए नेहरु जी ने कहा था- 'दरअसल एक भूखे इंसान के लिए या बहुत गरीब देश के लिए आजादी का कोई मतलब नहीं है।इसलिए हमें उत्पादन को बढ़ाना चाहिए।' नेहरु जी का कहना था कि 'बाकी सब कुछ रूक सकता है पर खेती  इंतजार नहीं कर सकती है।' और परिणाम यह है कि जो भारत अपनी जनता को दो वक्त की रोटी देने को कभी मोहताज था, आज वह अन्न निर्यातक राष्ट्र बन गया है इसके बाद कई योजनाएं शुरु की गई और कारखाना खोला गया, सिचाई योजना भी शुरू की गई। AD
                    
नेहरु जी की स्पष्ट धारणा थी और वह अक्सर कहा करते थे कि अंधविश्वासों से ग्रस्त समाज में केवल संस्थान स्थापित करने या शोध सुविधाएं प्रदान कर देने से मात्र विज्ञान नहीं पनपता।भारत वस्तुतः एक खेतिहर समाज है इस चुनौती के लिए नेहरु जी ने बहुत ज्यादा प्रयास किए। एक तरफ तो उन्होंने कृषि में वैज्ञानिक निवेश की आवश्यकता पर बल दिया और कहा- हमें अपनी खेती को वैज्ञानिक रूप देना है,  और विज्ञान से लाभ उठाना है। जैसे अन्य मुल्कों में कृषि में तरक्की हुई है, वैसे ही हमें अपने देश में भी तरक्की करना है।


दूसरी तरफ उन्होंने एक और सपना देखा- हर खेत को पानी। धीरे-धीरे करके उन्होंने नांगल, गांधी सागर, कोसी, नागार्जुन सागर, हीराकुंड, महाप्रभा जैसी विशाल सिंचाई परियोजनाओं ने नेहरू के इस सपने को रूपाकार प्रदान किया और इसी से वह सफल हुआ और आज भारत खाद्यान्न निर्यातक राष्ट्र बन गया है।

Dreams of Green Revolution
river

ग्रामीण भारत का पुनर्निर्माण
नेहरु जी ने गांव निर्माण हेतु बहुत सारी योजनाओं का शुभारंभ किया क्योंकि उनका मानना था कि मेरे लिए सभी योजनाएं बहुत अहमियत रखती हैं। सिर्फ उनसे होने वाले भौतिक लाभों की वजह से ही नहीं बल्कि इनका उद्देश्य इंसान और उसके समुदाय का पूरी तरह से निर्माण करना है और इंसान को इस लायक बनाना है कि वह अपने गांव और व्यापक अर्थ में समस्त भारत का निर्माण कर सके। उनका दृढ़ विश्वास था कि सभी प्रकार की योजनाएं यदि ठीक तरह से लागू की जाए तो यह बहुत ही अच्छी साबित होंगी। हम अपने ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दे पाए और जब तक हम उनका विकास नहीं करेंगे, हम पीछे ही रह जाएंगे और इस तरह से नेहरु जी ने ग्रामीण क्षेत्र को आगे बढ़ाया।
             

खेती में नई तकनीक और उपकरणों के निवेश के बारे में नेहरू जी की किसानों को राय थी कि हर युग का अपना धर्म होता है, यदि आप धर्म युग का पालन नहीं करेंगे तो कमजोर हो जाएंगे, विफल हो जाएंगे। खेती हमारी मेरुदंड है और नेहरु जी उसकी उसकी आभा को और भी ज्यादा निखारना चाहते थे। विज्ञान में उनका दॄढ़ विश्वास था। नेहरू जी की धारणा थी- विज्ञान जो है वह हमारी हर समस्याओं का समाधान कर सकता है। भले ही वह समस्या गरीबी, भूख,अंधविश्वास का निवारण ही क्यों ना हो
   
Dreams of Green Revolution
green tea
          

जवाहरलाल नेहरू जी के लिए युग का सबसे बड़ा काम था, मनुष्य को पुरानी गरीबी और पुराने जीवन स्तर से ऊपर उठाकर एक ऐसे सामाजिक जीवन स्तर पर पहुंचा देना, जहां सुरक्षा और सुख, साधन और इनसे भी अधिक जीवन की ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर मिल सके। वह जानते थे कि इन उद्देश्यों को केवल विज्ञान और उसके व्यवहारिक पक्ष ही पूरा कर सकते हैं। उनका विश्वास था कि आधुनिक विज्ञान को आधार बना कर ही भारत एक महान राष्ट्र बन सकता है। AD

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