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» » » » Shiv Puja Hindi tips Katha Sawan Ka Mahina शिव पूजा हिंदी टिप्स कथा सावन का महीना

Shiva Puja में इन सरल और असरदार Hindi Tips से आप इस Sawan Ka Mahina में Bhagwan Shiv की असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं। महादेव Lord Shiva को प्रसन्न करना अत्यंत ही सरल है।

Shiv Puja Shubhkamna Sandesh
Shiv Puja Shubhkamna Sandesh
Shiva बड़ी ही दयालु है, वह अपने भक्तों पर कभी भी कष्ट नहीं आने देते। भगवान शिव की पूजा में जो भी उपाय आप श्रद्धा भाव से करते हैं, उन सभी उपायों को भगवान शिव ग्रहण करते हैं।

इस बात का आप अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं। कि भगवान शिव ने देवों और राक्षसों के बीच में कभी भी भेदभाव नहीं रखा। संसार में जिन भी वस्तुओं जीवों से घृणा की गई है, उन सभी को भगवान शिव ने आश्रय दिया है।

Bhagwan Shiv के गले में सर्प की माला होती है, शरीर पर भस्म होती है और वह देवो और राक्षसों दोनों के ही बीच में रहते हैं।

Bhagwan Shiv की जो भी श्रद्धा भाव से पूजा करता है, उन सभी को विशेष फल की प्राप्ति होती है, उनके सभी बिगड़े काम बन जाते हैं, बस भगवान शिव पर अटूट विश्वास होना चाहिए।

जब तक भक्तों का भगवान पर संदेह बना हो तो वह भगवान को कैसे प्रसन्न करेगा। इसलिए मन में किसी भी प्रकार का संदेह नहीं होना चाहिए, भगवान पर अटूट विश्वास होना चाहिए।


आइए एक कथा संक्षिप्त में आपको बताते हैं

Bhagwan Shiv और Bhasmasur की आपको Katha बताते हैं।

भस्मासुर नामक राक्षस ने भगवान शिव की कृपा और वरदान पाने के लिए घोर तप किया। भगवान शिव ने भस्मासुर से प्रसन्न होकर उसको मनवांछित वर मांगने को कहा। तब भस्मासुर ने भगवान शिव से वरदान मांगा कि वह जिस व्यक्ति के सिर पर हाथ रखेगा, वह तुरंत ही भस्म हो जाएगा।

Bhagwan Shiv ने भस्मासुर को यह वरदान दे दिया। तब भस्मासुर के मन में एक विचार आया कि मैं इस वरदान का उपयोग किस पर करूं। यहां तो कोई भी नहीं है, तब उसके मन में यह विचार आया कि क्यों ना मैं इस वरदान को भगवान शिव पर ही उपयोग करूं। तब वह भगवान शिवजी की ओर भागा।

Bhagwan Shiv ने उसकी यह बात समझ ली और भगवान शिव वहां से अदृश्य होकर विष्णु भगवान के पास गए और उनसे कहा मेरे द्वारा Bhasmasur को वरदान दिया गया है। जिसके भी सिर पर हाथ रखेगा वह भस्म हो जाएगा, तो उस मूर्ख ने मुझे ही भस्म करने का मन बना लिया, आप कोई रास्ता सुझाएं। तब भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण करके उस राक्षस के समक्ष प्रकट हुए और नृत्य के जरिए उस राक्षस का हाथ उसी के सिर पर रखवा दिया, जिससे वह स्वयं ही भस्म हो गया।

इस Katha को सुनाने का अर्थ केवल इतना है कि भगवान शिव इतने दयालु हैं, कि उन्होंने वरदान देते समय इस बात का विचार नहीं किया कि वह राक्षस उन्हें ही हानि पहुंचाएगा, उन्होंने उसकी भक्ति देखी। इसलिए भगवान को भोलेनाथ भी कहा जाता है।


Bhagwan Shiv अंतर्यामी है, वह सब कुछ जानते हैं। वह यह भी जानते थे कि वह राक्षस उन्हें ही हानि पहुंचाने की कोशिश करेगा। उसके पश्चात भी भगवान शिव ने उस को वरदान दिया और उस मूर्ख राक्षस ने भगवान शिव पर ही उस वरदान को आजमाने की कोशिश की। पर वह मूर्ख राक्षस यह नहीं जानता था कि जो खुद महाकाल है, उसका वह मूर्ख राक्षस क्या बिगाड़ सकता है।

Shiv Puja Hindi tips मे Bhagwan Shiv को प्रसन्न करने का सबसे सरल साधन है कि आप बड़ी श्रद्धा भाव से भगवान शिव पर एक लोटा जल चढ़ा कर सभी मनोकामना को पूर्ण करने का निवेदन करें। बस आपका शिवजी पर अटूट विश्वास होना चाहिए।

Easy Hindi Tips Shiv Puja भगवान शिव को प्रसन्न करने का सरल साधन -

1. शिव चालीसा का पाठ करके।

2. ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करके।

3. फल और फूल को चढ़ा कर।

4. शिवजी की आरती करके।

5. धूप दीप और हवन करके।


क्योंकि शिव ही सत्य है, शिव ही सुंदर है, शिव ही जन्म है, शिव ही अंत है, शिव ही अनंत है।

Shiva is the truth, Shiva is beautiful, Shiva is the birth itself, Shiva is the end, Shiva is infinite.

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